केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने रानी अवंतीबाई लोधी के बलिदान दिवस पर किया नमन

Fri 20-Mar-2026,01:48 PM IST +05:30

ताजा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे Whatsapp Channel को Join करें |

Follow Us

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने रानी अवंतीबाई लोधी के बलिदान दिवस पर किया नमन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने रानी अवंतीबाई लोधी के बलिदान दिवस पर किया नमन
  • अमित शाह ने रानी अवंतीबाई लोधी के बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि देते हुए उनके साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति को देश के लिए प्रेरणादायक बताया। 

  • 1857 के संग्राम में रानी अवंतीबाई ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष कर आत्मसमर्पण के बजाय वीरगति को चुना, जो उनके अद्वितीय साहस को दर्शाता है। 

Delhi / New Delhi :

नई दिल्ली/ केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Shri Amit Shah ने वीरांगना Rani Avantibai Lodhi के बलिदान दिवस पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने उनके साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन देशभक्ति का प्रेरणादायक उदाहरण है। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को देश आज भी गर्व के साथ स्मरण करता है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने 20 मार्च 2026 को वीरांगना Rani Avantibai Lodhi के बलिदान दिवस के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सोशल मीडिया मंच X पर अपने संदेश में रानी अवंतीबाई के अदम्य साहस और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को याद किया।

अपने संदेश में उन्होंने कहा कि रानी अवंतीबाई लोधी का जीवन साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति की अद्वितीय मिसाल है। उन्होंने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ डटकर संघर्ष किया और पराधीनता स्वीकार करने के बजाय वीरगति को चुना। उनका बलिदान आज भी देशवासियों को राष्ट्र के प्रति समर्पण और स्वाभिमान की प्रेरणा देता है।

Rani Avantibai Lodhi मध्य प्रदेश के रामगढ़ राज्य की रानी थीं और उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया। जब अंग्रेजों ने उनके राज्य पर कब्जा करने की कोशिश की, तब उन्होंने वीरता के साथ उनका सामना किया। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने साहस और नेतृत्व से अंग्रेजों को कड़ी चुनौती दी।

1857 के संग्राम के दौरान, जब स्थिति अत्यंत कठिन हो गई, तब उन्होंने आत्मसमर्पण करने के बजाय अपने प्राणों की आहुति देना उचित समझा। उनका यह निर्णय उनके अद्वितीय साहस और देशभक्ति को दर्शाता है।

देशभर में रानी अवंतीबाई लोधी के बलिदान दिवस पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जहां लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया। इतिहासकारों का मानना है कि उनका संघर्ष भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के प्रारंभिक चरण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।

आज के समय में भी उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। उनका संघर्ष यह संदेश देता है कि राष्ट्र की स्वतंत्रता और स्वाभिमान के लिए हर बलिदान महत्वपूर्ण होता है।

रानी अवंतीबाई लोधी का बलिदान भारतीय इतिहास में अमर है। उनका साहस और देशभक्ति आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत बनाए रखेगा।